× Home Blogs Category About Us Privacy Policy Disclaimer Our services Terms & Conditions Social Media Link Our Other Websites
Logo
s

भारत में जैन धर्म की उत्पत्ति | महावीर स्वामी कौन थे?

By: RF competition   Copy    Share
 (501)          3300

भारत में जैन धर्म की उत्पत्ति

भारत में छठी शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान वैदिक धर्म ने जटिल स्वरूप धारण कर लिया था। जाति प्रथा ने भी कठोर रूप धारण कर लिया था। इसके फलस्वरुप समाज में वैदिक धर्म के प्रति असंतोष व्याप्त हो गया था। अतः छठी शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान कुछ नवीन धर्मों की उत्पत्ति हुई, जिन्हें समाज का समर्थन प्राप्त हुआ। इन्हीं धर्मों में से एक था 'जैन धर्म'। भारत में जैन धर्म की उत्पत्ति लगभग छठी शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान हुई थी। इस धर्म के अन्तर्गत तीर्थंकरों ने समाज को उचित दिशा दिखाई एवं यथार्थ ज्ञान प्रदान किया। उन्होंने मिथ्या कर्मकाण्डों का विरोध किया तथा समाज के सभी वर्गों के प्रति सहिष्णुता रखी। जैन धर्म ने एक क्रान्ति का कार्य किया था। इस धर्म में भारतीय समाज के अनेक लोग जुड़ गये थे। वर्तमान में भी इस धर्म के अनेक अनुयायी हैं।

इतिहास के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़ें।
प्राचीन भारत में नवीन धर्मों (जैन और बौद्ध) की उत्पत्ति के कारण

जैन धर्म के सामान्य नियम

जैन धर्म पुनर्जन्म एवं कर्मवाद में विश्वास करता है। इसके अनुसार कर्मफल ही मनुष्य के जीवन तथा मृत्यु का कारण हैं। जैन धर्म में अहिंसा एवं काया-क्लेश पर अत्यधिक बल दिया गया है। इस धर्म में युद्ध एवं कृषि दोनों वर्जित है, क्योंकि दोनों में ही जीवों की हिंसा होती है। प्रारम्भ में जैन धर्म में मूर्ति पूजा प्रचलित नहीं थी, किन्तु बाद में महावीर सहित सभी तीर्थंकरों की मूर्ति पूजा आरम्भ हो गई।

इतिहास के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़ें।
सिकन्दर कौन था? | प्राचीन भारत पर सिकन्दर के आक्रमण

जैन तीर्थंकर

'जैन' शब्द संस्कृत के 'जिन' शब्द से बना है। इसका शाब्दिक अर्थ 'विजेता' होता है। अर्थात् 'जिन' वे लोग होते हैं, जो अपने मन, वाणी और काया पर विजय प्राप्त कर लेते हैं। जैन अनुश्रुतियों एवं परम्पराओं के अनुसार जैन धर्म में कुल 24 तीर्थंकर हुए। इनमें से प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव (आदिनाथ) थे। सर्वप्रथम इन्होंने ही भारत में जैन आन्दोलन का प्रवर्तन किया था। जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर 'अरिष्टिनेमि' तथा 23वें तीर्थंकर 'पार्श्वनाथ' थे। जैन धर्म के अन्तिम तीर्थंकर महावीर स्वामी (वर्धमान महावीर) थे। उनका जीवन परिचय इस प्रकार है–

इतिहास के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़ें।
प्राचीन ईरानी (हखामनी) साम्राज्य के प्रमुख शासक– साइरस, केम्बिसीज, डेरियस, ज़रक्सीज, अर्तज़रक्सीज

महावीर स्वामी

महावीर स्वामी, वज्जि संघ (वज्जि महाजनपद) के ज्ञातृक कुल के प्रधान 'सिद्धार्थ' के पुत्र थे। उनका जन्म 599 ईसा पूर्व अथवा 540 ईसा पूर्व को कुण्डग्राम, वैशाली (वर्तमान बिहार) में हुआ था। उनकी माता का नाम 'त्रिशला' था। वह लिच्छवी के शासक चेटक की बहन थी। महावीर का विवाह कुण्डिय गोत्र की कन्या 'यशोदा' के साथ हुआ था। महावीर तथा यशोदा की पुत्री का नाम 'प्रियदर्शना' (अणोज्जा) तथा दामाद का नाम 'जामालि' था।

इतिहास के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़ें।
भारत पर आक्रमण करने वाला पहला विदेशी देश– ईरान

महावीर का गृहत्याग एवं ज्ञान प्राप्ति

वर्धमान महावीर ने 30 वर्ष की आयु में अपने बड़े भाई नन्दिवर्धन की आज्ञा से अपने गृह का त्याग कर दिया था, क्योंकि वे सांसारिक सुखों का त्याग कर ज्ञान प्राप्त करना चाहते थे। इसके बाद उन्होंने लगातार 12 वर्षों तक कठोर तपस्या की। इस तपस्या के फलस्वरूप उन्हें 42 वर्ष की आयु में जृम्भिक ग्राम में ऋजुपालिका नदी के तट पर साल वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ। इस ज्ञान को 'कैवल्य' कहा जाता है। कैवल्य प्राप्त करने के पश्चात् महावीर को केवलिन, जिन (विजेता), अर्ह (योग्य), निर्ग्रंथ (बन्धन रहित) जैसी उपाधियाँ दी गईं। महावीर स्वामी के शिष्य का नाम मक्खलिपुत्रगोशाल था। उन्होंने आजीवक सम्प्रदाय की स्थापना की थी। 527 ईसा पूर्व अथवा 468 ईसा पूर्व को पावापुरी (वर्तमान राजगीर के निकट) में मल्ल राजा सुस्तपाल के यहाँ महावीर स्वामी ने निर्माण मृत्यु प्राप्त की थी।

इतिहास के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़ें।
1. प्राचीन भारत के गणतंत्र क्या थे? | महात्मा बुद्ध के समय के 10 गणतंत्र
2. मगध साम्राज्य के राजा– शिशुनाग और कालाशोक
3. वैदिक काल के देवी एवं देवता– इन्द्र, अग्नि, वरूण, सवितृ, सोम, धौस, सरस्वती, पूषन, रूद्र, अरण्यानी
4. वर्णाश्रम व्यवस्था क्या थी? | ब्राह्मण, क्षत्रिय वैश्य, शूद्र
5. प्राचीन भारत के 16 महाजनपद कौन-कौन से थे?

आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।
(I hope, the above information will be useful and important.)
Thank you.
R.F. Tembhre
(Teacher)
EduFavour.Com

💬 टिप्पणियाँ (Comments) 0
अभी कोई कमेंट नहीं है!

पहला कमेंट आप करें और इस पोस्ट को बेहतर बनाएं। 🌟

📝 अपनी राय दें (Post Your Comment)

🧮 4 + 1 = ?
🔒 सुरक्षा कोड सत्यापित करें

📂 श्रेणियाँ