× Home Blogs Category About Us Privacy Policy Disclaimer Our services Terms & Conditions Social Media Link Our Other Websites
Logo
s

वर्णाश्रम व्यवस्था क्या थी? | ब्राह्मण, क्षत्रिय वैश्य, शूद्र

By: RF competition   Copy    Share
 (487)          7056

वर्णाश्रम व्यवस्था

भारत में ऋग्वैदिक काल (1500 ई.पू. से 1000 ई.पू.) में समाज के संचालन के लिए 'वर्ण व्यवस्था' शुरू की गई थी। इस व्यवस्था के अन्तर्गत समाज को चार वर्णों में विभक्त किया गया था। चारों वर्णों के अलग-अलग कार्य होते थे। इन वर्णों के अन्तर्गत ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र आते थे। इनमें से ब्राह्मणों का कार्य यज्ञ, अनुष्ठान एवं अन्य धार्मिक कार्य करना था। क्षत्रियों का कार्य युद्ध लड़ना एवं समाज की रक्षा करना था। वैश्य लोग व्यापार एवं वाणिज्य से सम्बन्धित थे। शूद्र साफ-सफाई एवं अन्य छोटे कार्य करते थे। ऋग्वैदिक काल में चारों वर्णों के लोगों का सम्मान किया जाता था। सभी को उनकी क्षमता के अनुसार व्यवसाय चुनने का अधिकार प्राप्त था। किसी भी व्यक्ति को जन्म के आधार पर अछूत नहीं माना जाता था। सभी व्यक्तियों को उनकी क्षमता और कौशल के आधार पर वर्णों में विभक्त किया गया था। आगे चलकर उत्तर वैदिक काल (1000 ई.पू. से 600 ई.पू.) में वर्ण व्यवस्था कठोर हो गई और यह व्यक्ति के कौशल और व्यवसाय पर आधारित न होकर जन्म पर आधारित कठोर जाति व्यवस्था बन गई। उत्तर वैदिक काल में व्यवसाय आनुवंशिक होने लगे।

इतिहास के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़ें।
वैदिक काल के देवी एवं देवता– इन्द्र, अग्नि, वरूण, सवितृ, सोम, धौस, सरस्वती, पूषन, रूद्र, अरण्यानी

चारों वर्णों की उत्पत्ति

ऋग्वेद के दशवें मण्डल में वर्णित पुरुषसूक्त में चारों वर्णों की उत्पत्ति का उल्लेख है। इस सूक्त के अनुसार विराट पुरुष के मुख से ब्राम्हणों, भुजाओं से क्षत्रिय, जाँघों से वैश्यों और पैरों से शूद्रों की उत्पत्ति हुई है। 'ऐतरेय ब्राह्मण' में चारों वर्णों के कर्तव्यों का वर्णन मिलता है।

इतिहास के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़ें।
गाय को सबसे पवित्र पशु क्यों माना जाता है?

ब्राह्मण

ब्राह्मणों के लिए 'एहि' (आइए) शब्द का प्रयोग किया जाता था। इन्हें समाज के चारों वर्णों में प्रथम स्थान प्राप्त था। इनका मूल कार्य यज्ञ, अनुष्ठान, पूजा एवं अन्य धार्मिक कार्य करना था। ब्राह्मणों को 'द्विज' कहा जाता था। ये उपनयन संस्कार के अधिकारी थे। ऋग्वैदिक काल में ब्राह्मणों की शक्तियाँ सीमित थीं। उत्तर वैदिक काल में यज्ञ का महत्व बढ़ गया, फलस्वरुप ब्राह्मणों की शक्तियों में अपार वृद्धि हुई।

इतिहास के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़ें।
सिन्धु घाटी सभ्यता और वैदिक सभ्यता में अन्तर

क्षत्रिय

क्षत्रियों के लिए 'आगहि' (आओ) शब्द का प्रयोग किया जाता था। इनका मूल कार्य संकट के समय में समाज की रक्षा करना था। ये लोग विभिन्न अस्त्रों और शस्त्रों की ज्ञाता होते थे। इन्हें चारों वर्णों में दूसरा स्थान प्रदान किया गया था। इन्हें 'द्विज' कहा जाता था। ये उपनयन संस्कार के अधिकारी थे।

इतिहास के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़ें।
कबीला किसे कहते हैं? | कबीलाई संगठन– कुल, ग्राम, विश, जन और राष्ट्र

वैश्य

वैश्यों के लिए 'आद्रव' (जल्दी आओ) शब्द का प्रयोग किया जाता था। इनका मूल कार्य व्यापार करना था। ये लोग कृषि भी करते थे। इन्हें समाज के चारों वर्णों में तीसरा स्थान प्राप्त था। उत्तर वैदिक काल में केवल वैश्य ही कर चुकाते थे। ब्राह्मण एवं क्षत्रिय दोनों वैश्यों द्वारा वसूले गए राजस्व पर जीते थे। वैश्यों को भी 'द्विज' कहा जाता था। ये लोग उपनयन संस्कार के अधिकारी थे।

इतिहास के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़ें।
ऋग्वैदिक समाज में वर्ण व्यवस्था, स्त्रियों की स्थिति तथा आर्यों के भोजन व वस्त्र

शूद्र

शूद्रों के लिए 'आधाव' (दौड़कर आओ) शब्द का प्रयोग किया जाता था। इन्हें समाज में चौथा अर्थात् सबसे निचला स्थान प्राप्त था। इन लोगों का मूल कार्य अन्य तीनों वर्णों की सेवा करना था। ये उपनयन संस्कार के अधिकारी नहीं थे। इन्हें अपात्र या आधारहीन माना जाता था।

इतिहास के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़ें।
1. सिन्धु सभ्यता के स्थलों से कौन-कौन सी वस्तुएँ प्राप्त हुईं
2. हड़प्पा सभ्यता (सिन्धु सभ्यता) का समाज एवं संस्कृति
3. हड़प्पा काल में शासन कैसे किया जाता था? | हड़प्पा (सिन्धु) सभ्यता की लिपि
4. सिन्धु सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता) में कृषि, पशुपालन एवं व्यापार
5. हड़प्पा (सिन्धु) सभ्यता के लोगों का धर्म, देवी-देवता एवं पूजा-पाठ

आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।
(I hope, the above information will be useful and important.)
Thank you.
R.F. Tembhre
(Teacher)
EduFavour.Com

💬 टिप्पणियाँ (Comments) 0
अभी कोई कमेंट नहीं है!

पहला कमेंट आप करें और इस पोस्ट को बेहतर बनाएं। 🌟

📝 अपनी राय दें (Post Your Comment)

🧮 9 + 6 = ?
🔒 सुरक्षा कोड सत्यापित करें

📂 श्रेणियाँ